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Sunday, May 15, 2016

Cricket



         क्रिकेट में तिन प्रकार के खेल होते है [१] एक दिवसीय  मैच [२] टेस्ट मैच [३]  ट्वेंटी  ट्वेंटी :[१] एक दिवसीय मैच में ५० ओवर होती है दोनों टीमों को ५० -५० ओवर  दी जाती  है जो एक दिन के लिए खेला जाता है  [२] टेस्ट मैच में ५ दिने के लिए मैच खेली जाती है इसमें दोनों  टीमों के दो बार पारी आती है। [३] ट्वेंटी ट्वेंटी ४ से ५ धंटे का खेल  होता है उसमे २० - २० ओवर का होता  है और एक ओवर में ६ गेंद फेंकी जाती है 

Criket


      क्रिकेट एक बल्ले और गेंद का खेल है जिसकी शुरुआत दक्षिणी इंग्लैंड में हुई थी। इसका सबसे प्राचीन निश्चित संदर्भ १५९८ में मिलता है, अब यह १०० से अधिक देशों में खेला जाता है।क्रिकेट के कई प्रारूप हैं, इसका उच्चतम स्तर टेस्ट क्रिकेट है, जिसमें वर्तमान प्रमुख राष्ट्रीय टीमें इंडिया(भारत), ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैण्ड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैण्ड, पाकिस्तान व बांग्लादेश हैं। ये ९ देस एक दूसरे के साथ अंतरराष्ट्रीय खेल खेलते  है 

Khel



      गिल्ली डंडा
>एक ऐसा खेल है की इसमें किसी भी उम्र के लॉग खेल सकते है 
गिल्ली डंडा भारत का प्राचीन खेल है भारत के लगभग सभी राज्यों में ये खेल बहुत फ्रेम्स है मेरे हिसाब सेतो ये खेल पुराने ज़माने में राष्ट्रीय खेल होना चाहिए आज गिल्ली डंडा हमारे भारत में लुप्त होता जा रहा है आज के बच्चों को ऐसे खेल में बहोत काम इंट्रेस्ट  है ये दुःख की भी बात है लेकिन समय समय बलवान है

Khel



GILLI DANDA..गिल्ली डंडा पूरे भारत में काफी प्रसिद्ध खेल है। इसे सामान्य एक बेलनकार लकड़ी से खेला जाता है जिसकी लंबाई  क्रिकेट के बल्ले के बराबर होती है। इसी की तरह की छोटी बेलनकार लकड़ी को गिल्ली कहते हैं जो किनारों से थोड़ी नुकीली या घिसी हुई होती है।

खेल का उद्देश्य डंडे से गिल्ली को मारना है। गिल्ली को ज़मीन पर रखकर डंडे से किनारों पर मारते हैं जिससे गिल्ली हवा में उछलती है। गिल्ली को हवा में ही ज़मीन पर गिरने से पहले फिर डंडे से मारते हैं। जो खिलाड़ी सबसे ज्यादा दूर तक गिल्ली को पहुँचाता है वह विजयी होता है।[1]

इस खेल के लिये कम से कम दो खिलाड़ियो की आवश्यकता होती है। खेल प्रारम्भ करने के लिये पहले। जमीन पर एक छोटा सा लम्बा गड्ढा करते है। फिर उस पर गिल्ली रख कर डन्डे से उछालते है। यदि सामने खड़ा खिलाड़ी गिल्ली को हवा मे ही पकड़ लेता है तो खिलाड़ी हार जाता है किन्तु यदि ऐसा नही होता तो सामने खड़ा खिलाड़ी गिल्ली को डन्डे पर मारता है जो कि जमीन के गड्ढे पर रखा होता है, यदि गिल्ली डंडे पर लग जाती है तो खिलाड़ी हार जाता है अन्यथा पहला खिलाड़ि फिर गिल्ली को दन्दे से उसके किनारे पर मारता है जिससे गिल्ली हवा मे उछलती है, इसे फिर दन्दे से मारते है और गिल्ली को दूर फेकने को प्रयास करते है। यदि गिल्ली को हवा मे लपक लिया जाये तो खिलाड़ी हार जाता है, अन्यथा दुसरा खिलाड़ी गिल्ली को वही से दन्दे पर मारता है, दन्दे पर लगने की स्थिति मे दूसरे की बारी आती है। यदि गिल्ली को मारते समय डंडा जमीन से छू जाता है तो खिलाड़ी को गिल्ली को एस प्रकार मारना होता है कि उसका डंडे वाला हाथ उसके एक पैर के नीचे रहे। इसे हुच्चको कहते है। गिल्ली को किनारे से मारने का प्रत्येक खिलाड़ी को तीन बार मौका मिलता है। इस खेल मे अधिकतम खिलाड़ियो कि सन्ख्या निर्धारित नही होती है।

Wednesday, January 27, 2016

navghan vav


JUNAGADH....navghan kuva..... ranavghan uparkot ke raja the tab ye kuva banaya gaya hai kaha jata hai ki raja is kuve me roj pani bharne khud ate the or is kuve ki gaherai lagbhag 200se250fit hai isi liye is kuve ka name ranavghan kuva rakkha gaya hai ye kuva jitna gahera hai vaha tak is kuve mai sidi hai dadar hai JAY GIRNAR